
राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास हुए भीषण विस्फोट के बाद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद लोक नायक (LNJP) अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों का इलाज चल रहा है।
वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सुरक्षा चूक का सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
अमित शाह ने लिया घटनास्थल और अस्पताल का जायजा
गृह मंत्री शाह ने मौके का मुआयना करने से पहले दिल्ली पुलिस कमिश्नर और NIA प्रमुख से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
उन्होंने कहा — “यह हादसा बेहद गंभीर है, सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है। किसी भी एंगल से इस घटना को हल्के में नहीं लिया जाएगा।”
सूत्रों के मुताबिक, शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को “Zero Tolerance Mode” पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
पप्पू यादव का हमला — “सरकार सो रही थी क्या?”
जन अधिकार पार्टी के मुखिया और सांसद पप्पू यादव ने कहा — “आज सुबह फरीदाबाद में हथियार पकड़े गए थे, क्या सरकार किसी धमाके का इंतजार कर रही थी?
इस हमले के लिए कौन जिम्मेदार है — प्रधानमंत्री या गृह मंत्री?”
उन्होंने कहा कि “इस धमाके को हल्के में नहीं लिया जा सकता, और यह एक सीधा सुरक्षा फेल्योर है।”
चेन्नई में भी बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली धमाके के बाद देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। तमिलनाडु के चेन्नई एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मॉल्स में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि दिल्ली जैसी संवेदनशील घटनाएं पूरे देश के लिए चेतावनी हैं।
“धमाके के बाद हमेशा की तरह बयान फट पड़े — ‘हम दोषियों को नहीं छोड़ेंगे’”
हर बार धमाका, हर बार बयान, और हर बार वही स्क्रिप्ट — “हम जांच करेंगे, कार्रवाई होगी।”
दिल्ली की सर्द हवा में अब धुएं के साथ सवाल भी तैर रहे हैं — आखिर सुरक्षा एजेंसियों की ‘चौकसी’ किस मोड पर थी — एयरप्लेन या साइलेंट मोड?
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